सार
ज्योति मौर्य कौशांबी के चायल तहसील में 2019 से 2021 के बीच तैनात रही हैं। उनकी कथित डायरी में इस दौरान भ्रष्टाचार से मिलने वाले रुपयों का हिसाब-किताब लिखा है। यदि अक्तूबर 2021 की बात की जाए तो केवल एक महीने में ज्योति मौर्य ने 6.4 लाख रुपये अवैध रूप से कमाए हैं।
विस्तार
भ्रष्टाचार तथा अन्य आरोपों में घिरी पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अब उन्हें नोटिस जारी कर संपत्ति का ब्यौरा तलब किया गया है। उनकी प्रॉपर्टी, वाहन और खातों की जानकारी कमेटी द्वारा मांगी गई है। सफाईकर्मी पति आलोक मौर्य की भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद गठित जांच कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
अब ज्योति मौर्य को नोटिस जारी कर संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है। बताया जा रहा है कि कमिश्नर कार्यालय में वीडियो कैमरे की निगरानी में एसडीएम ज्योति मौर्य का बयान दर्ज किया जाएगा। ऐसे में एसडीएम अधिकारी ज्योति मौर्य की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पीसीएस अधिकारी के पति आलोक मौर्य का आरोप है कि ज्योति मौर्य ने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों का अवैध लेनदेन किया है। इस पैसे से उन्होंने कई जगह पर संपत्ति बनाई है। कई सेक्टर में निवेश भी किया है। लेनदेन के समर्थन में वह लिखापढ़ी के कागजात भी सौंपे गए हैं, जिसमें किस अधिकारी से कितना लेने का ब्यौरा दर्ज किया गया था।
शासन के निर्देश पर प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को इस प्रकरण की जांच सौंपी गई है। मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त प्रशासन अमृतलाल बिंद, एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय और एसीएम प्रथम जयजीत कौर की कमेटी गठित कर जांच शुरू करा दी है।
पीसीएस अधिकारी के पति आलोक मौर्य का आरोप है कि ज्योति मौर्य ने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों का अवैध लेनदेन किया है। इस पैसे से उन्होंने कई जगह पर संपत्ति बनाई है। कई सेक्टर में निवेश भी किया है। लेनदेन के समर्थन में वह लिखापढ़ी के कागजात भी सौंपे गए हैं, जिसमें किस अधिकारी से कितना लेने का ब्यौरा दर्ज किया गया था।
शासन के निर्देश पर प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को इस प्रकरण की जांच सौंपी गई है। मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त प्रशासन अमृतलाल बिंद, एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय और एसीएम प्रथम जयजीत कौर की कमेटी गठित कर जांच शुरू करा दी है।
