सार
Adani-Hindenburg Case Supreme Court Decision: सुप्रीम कोर्ट ने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों पर सेबी की जांच में दखल देने से इनकार किया है। अदालत ने तीन महीने में सेबी को जांच पूरा करने के लिए कहा है। इससे पहले हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट से अनुकूल फैसला आने की उम्मीद में अदाणी समूह के शेयरों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में 10% तक की तेजी दिखी
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों पर सेबी की जांच में दखल देने से इनकार किया है। तीन जजों की बेंच ने अदाणी समूह पर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों से जुड़े मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने 22 मामलों की जांच सौंपी थी जिसमें दो की जांच बाकी है। न्यायालय ने सेबी को तीन महीने में लंबित जांच पूरी करने का निर्देश दिया है।
इससे पहले हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट से अनुकूल फैसला आने की उम्मीद में अदाणी समूह के शेयरों में बुधवार को 10% तक की तेजी आई। 10 शेयरों के समूह में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस सबसे अधिक 10% तक चढ़ गया, जबकि अदाणी टोटल गैस 8% और एनडीटीवी के शेयर 7% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी विल्मर, अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पावर के शेयर 5-6 की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। अहमदाबाद स्थित समूह प्रमुख कंपनी अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में 3% की वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार को प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की एक पीठ अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की।
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया है कि अरबपति गौतम अदाणी ने 'कॉरपोरेट इतिहास में सबसे बड़ी धोखाधड़ी' की है। पिछले महीने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में जो कुछ कहा गया है, उसे पूरी तरह से सही नहीं माना जा सकता।
अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी विल्मर, अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पावर के शेयर 5-6 की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। अहमदाबाद स्थित समूह प्रमुख कंपनी अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में 3% की वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार को प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की एक पीठ अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की।
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया है कि अरबपति गौतम अदाणी ने 'कॉरपोरेट इतिहास में सबसे बड़ी धोखाधड़ी' की है। पिछले महीने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में जो कुछ कहा गया है, उसे पूरी तरह से सही नहीं माना जा सकता।
