PM Modi Bhutan Visit: चुनाव के बीच भूटान की यात्रा क्यों कर रहे पीएम मोदी, इसमें किन बड़े मुद्दों पर होगी बात?
byChief Editor-
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सार
PM Modi Bhutan Visit: 21 और 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान दौरे पर रहेंगे। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने भूटानी समकक्ष दाशो शेरिंग तोबगे के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर वार्ता करेंगे। इससे पहले तोबगे भी 14-18 मार्च तक भारत यात्रा पर थे
विस्तार
देश में लोकसभा चुनावों का शंखनाद हो चुका है। पहले चरण के मतदान की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई है। इस चरण में 19 अप्रैल को 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 सीट पर मतदान होगा। इस बीच सत्ताधारी भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार की बागडोर संभाल रहे हैं। चुनाव तारीखों के घोषणा के साथ ही पीएम ने दक्षिण के राज्यों में प्रचार किया। हालांकि, इस चुनावी मौसम में प्रधानमंत्री मोदी भूटान के दौरे पर होंगे। प्रधानमंत्री 21 और 22 मार्च को भूटान की यात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर वार्ता करेंगे।
आइये जानते हैं कि पीएम मोदी के भूटान दौरे का कार्यक्रम क्या है? इस यात्रा के एजेंडे में क्या है? भारत-भूटान के रिश्ते कैसे रहे हैं? चुनाव के बीच पीएम की भूटान यात्रा की अहमियत क्या?
प्रधानमंत्री मोदी, भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे - फोटो : Narendra Modi X Handle
पीएम मोदी के भूटान दौरे का कार्यक्रम क्या है? यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भूटान के वर्तमान राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से मुलाकात करेंगे। इस दौरान पीएम अपने भूटानी समकक्ष शेरिंग तोबगे से भी बातचीत करेंगे। बता दें कि भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे 14-18 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर थे। यह जनवरी 2024 में पदभार ग्रहण करने के बाद तोबगे की पहली विदेश यात्रा थी। यात्रा के दौरान भूटानी प्रधानमंत्री भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। भूटान नरेश की ओर से प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री मोदी को भूटान आने का निमंत्रण दिया था। प्रधानमंत्री ने भूटान नरेश का यह निमंत्रण स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री मोदी, भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे - फोटो : Narendra Modi X Handle
इस यात्रा के एजेंडे में क्या है? प्रधानमंत्री मोदी के भूटान के राजकीय दौरे की जानकारी साझा करते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच आपसी हितों के द्विपक्षीय मुद्दों और क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा होगी। मंत्रालय ने कहा कि भारत और भूटान एक अनूठी और स्थायी साझेदारी साझा करते हैं जो आपसी विश्वास, समझ और सद्भावना पर आधारित है। हमारी साझा आध्यात्मिक विरासत और लोगों के बीच मधुर संबंध हमारे असाधारण संबंधों में गहराई और जीवंतता जोड़ते हैं। यह यात्रा दोनों पक्षों की साझेदारी को बढ़ाने और उसे गति देने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी, भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे - फोटो : Narendra Modi X Handle
चुनाव के बीच पीएम की भूटान यात्रा की अहमियत क्या? प्रधानमंत्री मोदी का भूटान दौरा कई मायनो में अलग है। कम ही मौके आए हैं जब प्रधानमंत्रियों ने लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद कोई विदेशी यात्रा की हो। 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने G20 बैठक में भाग लेने के लिए ब्रिटेन की यात्रा की थी।
हाल ही में भूटान के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा उस वक्त हुई थी, जब चीन और भूटान अपने सीमा विवाद को सुलझाने में लगे हैं। इसका भारत के सुरक्षा हितों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। अक्तूबर 2021 में भूटान और चीन ने अपने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए तीन-चरणीय रोडमैप पर एक समझौता किया था। दरअसल, खबरें आई थीं कि चीन 89 वर्ग किलोमीटर डोकलाम पठार पर उसके दावे को स्वीकार करने के लिए भूटान पर दबाव डाल रहा है। भारत-भूटान-तिब्बत ट्राइजंक्शन पर स्थित डोकलाम भारत के लिए काफी रणनीतिक महत्व रखता है।
प्रधानमंत्री मोदी, भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे - फोटो : Narendra Modi X Handle
इस मेगा प्रोजेक्ट पर भी हो सकती है चर्चा डोकलाम के अलावा प्रस्तावित 'गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी' परियोजना पर भी चर्चा हो सकती है। परियोजना में भारत की भागीदारी है जो भारत-भूटान सीमा से लगे दक्षिण भूटान के गेलेफू में 1,000 वर्ग किलोमीटर का विशेष आर्थिक क्षेत्र है। परियोजना की सफलता के लिए भारत की भागीदारी आवश्यक है, जिसका उद्देश्य भूटानी युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। भूटान गेलेफू में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण और असम से गेलेफू तक सड़क और रेल संपर्क के निर्माण में भारत की मदद चाहता है। भूटानी सरकार गेलेफू मेगा प्रोजेक्ट पर तुरंत काम शुरू करना चाहती है।
भूटान यह भी चाहता है कि भारत भूटानी युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए आईआईटी की तर्ज पर तकनीकी संस्थान स्थापित करे। इस तरह से प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा न केवल गेलेफू परियोजना के लिए अहम है, बल्कि डोकलाम पर चर्चा करने, चीन को करारा जवाब देते हुए भारत-भूटान संबंधों को मजबूत करने का मौका भी मिलेगा।