सार
Election: पहले आम चुनाव में 86 सीट ऐसी थीं, जहां से दो-दो सांसद चुने गए थे। इनमें एक सामान्य श्रेणी से और एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से थे। वहीं दूसरे आम चुनाव में 91 सीट ऐसी रहीं जहां से दो-दो सांसद चुने गए थे।
स्तार
इस समय देश में चुनाव का माहौल है। 19 अप्रैल को पहले चरण के लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। ये चुनाव कुल सात चरणों में होने हैं। उधर तमाम सियासी दलों ने अपने अधिकतर उम्मीदवारों का भी एलान कर दिया है। पार्टियां अपने प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं।
हर सीट पर अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पार्टियां जोर-आजमाइश कर रही हैं। चुनावी गहमागहमी के बीच कम ही लोगों को पता होगा कि पहले दो आम चुनावों में कुछ सीटों पर दो-दो सांसद चुने गए थे। ये व्यवस्था में 1961 में एक कानून के जरिए खत्म की गई थी।
आइये जानते हैं कि क्या थी वह व्यवस्था जिसके तहत एक सीट पर दो सांसद चुने जाते थे? यह नियम क्यों था? बाद में यह व्यवस्था कैसे खत्म की गई?
आइये जानते हैं कि क्या थी वह व्यवस्था जिसके तहत एक सीट पर दो सांसद चुने जाते थे? यह नियम क्यों था? बाद में यह व्यवस्था कैसे खत्म की गई?
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राजनीति