सार
फर्जी डिग्री मामले में शनिवार को राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जेएस यूनिवर्सिटी, शिकोहाबाद के कुलाधिपति सुकेश यादव, रजिस्ट्रार नंदन कुमार और दलाल अजय भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी से वर्ष 2022 में कुल 2067 अभ्यर्थियों ने बीपीएड की डिग्री से हांसिल की थी। यूनिवर्सिटी ने भी अपने मानकों से कई गुना अधिक फर्जी डिग्रियां अभ्यर्थियों को बांटी थीं। यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कसने का एक मुख्य कारण यह भी रहा। एसओजी टीम ने फर्जी डिग्रियों के साथ-साथ कालातीत शैक्षिक सत्रों की डिग्रियां भी कब्जे मेंं ली। यूनिवर्सिटी से बैक डेट की डिग्रियां बनवाने वाले 16 अन्य दलाल भी गिरफ्तार हुए हैं। एसओजी की जांच भी जारी है। इस पूरे फर्जीवाड़े में कई अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसा जाना तय है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड-2022 में शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा की वैकेंसी निकली थी। जिसमें कुल 5390 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। जिनमें से 2067 अभ्यर्थियों के पास जेएस यूनिवर्सिटी से हांसिल की गई बीपीएड की डिग्रियां थीं। जबकि यूनिवर्सिटी के पास शिक्षा सत्र के लिए मात्र 100 सीटों की ही मान्यता थी। एक ही शैक्षिक सत्र में मानक से अधिक डिग्री जारी होने की भनक लगने के बाद एसओजी ने इस पूरी जालसाजी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।