सार
छह अगस्त को स्वामी नारायण मंदिर में 'आंतकवादी' मुंह पर कपड़ा बांधे और हाथ में राइफल लेकर घुस आए। आतंकवादियों को बंदूकों के साथ और एक नागरिक को बंधक बनाए देखने पर मंदिर में चीख-पुकार मचने लगी।
स्वामी नारायण मंदिर की घटना
छह अगस्त को स्वामी नारायण मंदिर में पुलिसवाले आतंकी हमला होने की तैयारी का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल कर रहे थे, उस समय बड़ी संख्या में परिवारवाले बच्चों के साथ मौजूद थे। डमी आंतकवादी मुंह पर कपड़ा बांधे और हाथ में राइफल लेकर घुस आए। डमी आतंकी को बंदूकों के साथ और एक नागरिक को बंधक बनाए देखने पर मंदिर में चीख-पुकार मचने लगी।
आदमी ने जड़ा थप्पड़
डर से बच्चे रोने लगे। इन सबके बीच एक बच्चे का नाराज पिता हाथ में बंदूक लिए डमी आतंकी को जोरदार थप्पड़ जड़ देता है। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। हंगामा बढ़ता देख मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने बीच-बचाव किया। नाराज शख्स को पुलिसवाले समझाकर दूर ले गए। जब आदमी को बताया गया कि यह एक मॉक ड्रिल थी। किसी भी आतंकवादी घटना के समय आम नागरिकों को बचाने लिए अभ्यास किया गया था। इसके बाद उसका गुस्सा शांत हुआ। वहीं मौके पर मौजदू लोगों ने बताया कि पुलिस इस मॉक ड्रिल के कारण सभी लोग बेहद डर गए थे।
