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Rajasthan Election 2023: आज गहलोत के गढ़ में PM मोदी, मारवाड़ की 43 सीटों पर नजर, जानिए यहां का सियासी समीकरण?

 सार

Rajasthan Election 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सीएम अशोक गहलोत के गढ़ में गरजेंगे। वे भाजपा कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देंगे। पीएम मोदी का पांच साल बाद ये जोधपुर दौरा है।




विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान के दौरे पर हैं। पीएम मोदी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गढ़ कहे जाने वाले जोधपुर जिले के दौरे पर आएंगे। जोधपुर संभाग मारवाड़ इलाके का हिस्सा है। इसमें बाड़मेर, जोधपुर, पाली, जालोर और नागौर जिले शामिल हैं। यहां लोकसभा की पांच और विधानसभा की 43 सीटें हैं। पीएम मोदी इन सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए कार्यकर्ताओं को मंत्र देंगे। 

जोधुपर संभाग (मारवाड़) में आने वाले ज्यादातर इलाकों को जाट बाहुल्य माना जाता है। 2013 में कांग्रेस के इस गढ़ में भाजपा ने भेद दिया था। उस समय भाजपा ने यहां 43 विधानसभा सीटों में से 39 पर जीत दर्ज की थी। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर बाजी पलटी और 22 सीटों पर जीती, जबकि भाजपा को 16 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। अब 2023 में भाजपा यहां एक बार फिर जीत का परचम लहराना चाहेगी। 


मारवाड़ में हनुमान बेनीवाल भी भाजपा के लिए मुसीबत
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और उसके अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल भी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए मुसीबत बन रहे हैं। बेनीवाल ने गठबंधन करने इनकार करते हुए अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। नागौर समेत मारवाड़ की राजनीति में आरएलपी का दबदबा है। इस इलाके में आरएलपी तीसरा मोर्चा बनकर सामने आ सकती है। 

ज्योति मिर्धा के शामिल होने से भाजपा हुई मजबूत
कांग्रेस की पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा हाल ही में भाजपा में शामिल हुईं थी। उनके भाजपा में आने से पार्टी को मजबूती मिलने की बात कही जा रही है। मिर्धा राजघराने से ताल्लुक रखने वाली ज्योति मिर्धा राजस्थान की सियासत में एक बड़ा नाम हैं। वे जाट समाज से आती हैं। ज्योति मिर्धा के दादा कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं। नागौर के सांसद रहने के साथ ही वे केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। 2009 में ज्योति नागौर सीट से सांसद रह चुकी हैं। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ज्योति का विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने से नागौर की सीटों पर सीधा असर हो सकता है। साथ मारवाड़ के अन्य इलाकों में भी वे भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं।  

सीएम के बेटे हार गए थे चुनाव
जोधपुर सीएम अशोक गहलोत का सबसे प्रभावी क्षेत्र है। 2019 के लोकसभा चुनाव में सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत और गजेंद्र सिंह शेखावत चुनाव में उतरे थे। चुनाव में वैभव गजेंद्र से हार गए थे। इसे मोदी की जीत कहा गया था। ये विधानसभा चुनाव भी पीएम मोदी और गहलोत के बीच का माना जा रहा है।

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