सार
जारांगे ने कहा कि 'आप कह सकते हैं कि यह मेरी आखिरी विनती है। उन्हें (महाराष्ट्र के नेताओं) देखना चाहिए कि लोगों में असंतोष नहीं होना चाहिए। पांच-सात लोग हैं जो मराठाओं के बारे में बोल रहे हैं।
विस्तार
मराठा आरक्षण की मांग करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के कुछ करीबी लोग मराठाओं के खिलाफ बोल रहे हैं। जारांगे ने अपील की कि फडणवीस लोगों को ऐसा करने से रोकें। रविवार रात को लातूर में पत्रकारों से बात करते हुए जारांगे ने कहा कि उन्हें सीएम एकनाथ शिंदे पर विश्वास है कि वह मराठा समुदाय को आरक्षण देंगे।
'फडणवीस के करीबी मराठाओं पर बोल रहे'
जारांगे आरक्षण के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए राज्य के अलग इलाकों का दौरा कर रहे हैं। इसी के तहत रविवार को वह लातूर पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए जारांगे ने कहा कि 'आप कह सकते हैं कि यह मेरी आखिरी विनती है। उन्हें (महाराष्ट्र के नेताओं) देखना चाहिए कि लोगों में असंतोष नहीं होना चाहिए। पांच-सात लोग हैं जो मराठाओं के बारे में बोल रहे हैं और ये लोग देवेंद्र फडणवीस के करीबी हैं।' जारांगे ने इस दौरान किसी का नाम नहीं लिया।
'24 दिसंबर के बाद भुगतने होंगे नतीजे'
जारांगे ने कहा कि 'फडणवीस को यह समझना चाहिए कि राज्य में शांति होनी चाहिए। मराठा समुदाय ने फडणवीस के शब्दों का अभी तक मान रखा है। आपके (फडणवीस) दिमाग में क्या चल रहा है, आपको उसे साफ करना चाहिए या ऐसे लोगों को रोकें। अगर आप इन्हें नहीं रोकेंगे तो हम समझ जाएंगे कि आप क्या चाहते हैं। अगर आप सोचते हैं कि इसमें कोई गंभीर बात नहीं है तो सरकार को 24 दिसंबर के बाद इसके नतीजे भुगतने होंगे।'
जारांगे आरक्षण के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए राज्य के अलग इलाकों का दौरा कर रहे हैं। इसी के तहत रविवार को वह लातूर पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए जारांगे ने कहा कि 'आप कह सकते हैं कि यह मेरी आखिरी विनती है। उन्हें (महाराष्ट्र के नेताओं) देखना चाहिए कि लोगों में असंतोष नहीं होना चाहिए। पांच-सात लोग हैं जो मराठाओं के बारे में बोल रहे हैं और ये लोग देवेंद्र फडणवीस के करीबी हैं।' जारांगे ने इस दौरान किसी का नाम नहीं लिया।
'24 दिसंबर के बाद भुगतने होंगे नतीजे'
जारांगे ने कहा कि 'फडणवीस को यह समझना चाहिए कि राज्य में शांति होनी चाहिए। मराठा समुदाय ने फडणवीस के शब्दों का अभी तक मान रखा है। आपके (फडणवीस) दिमाग में क्या चल रहा है, आपको उसे साफ करना चाहिए या ऐसे लोगों को रोकें। अगर आप इन्हें नहीं रोकेंगे तो हम समझ जाएंगे कि आप क्या चाहते हैं। अगर आप सोचते हैं कि इसमें कोई गंभीर बात नहीं है तो सरकार को 24 दिसंबर के बाद इसके नतीजे भुगतने होंगे।'