सार
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री यह कहते हैं कि पिछले 10 साल सिर्फ ट्रेलर थे और तस्वीर अभी बाकी है। हां, मणिपुर सिर्फ ट्रेलर था और अगर फिर से भाजपा को चुनते हैं तो हम पूरी तस्वीर देखेंगे।
विस्तार
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर निशाना साधा। उन्होंने बुधवार को दावा किया कि कांग्रेस ने सरमा को पहचान दी है और यही वजह है कि वह हर समय इसके बारे में सोचते रहते हैं
कांग्रेस नए तरीके से खुद को मजबूत कर रही
जयराम रमेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अवसरवादी नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस नए तरीके से खुद को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह 'अमृत काल' है, लेकिन वास्तव में यह 'अन्याय काल' है। किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और पिछड़ों के साथ अन्याय हुआ है। यह चुनाव पिछले 10 साल के अन्याय से मुक्ति पाने के लिए है। कांग्रेस के पास 25 गारंटी के साथ भारत को अन्याय से मुक्त कराने का समाधान हैं। यह किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि पार्टी की गारंटी है।'
हां, मणिपुर सिर्फ ट्रेलर था
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री यह भी कहते हैं कि पिछले 10 साल सिर्फ ट्रेलर थे और तस्वीर अभी बाकी है। हां, मणिपुर सिर्फ ट्रेलर था और अगर हम फिर से भाजपा को चुनते हैं तो हम पूरी तस्वीर देखेंगे। वे समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ लड़वाने में माहिर हैं। उन्होंने दावा किया कि यह लोकसभा चुनाव लोकतंत्र, संविधान और देश की विविधता को बचाने का चुनाव है।
जयराम रमेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अवसरवादी नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस नए तरीके से खुद को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह 'अमृत काल' है, लेकिन वास्तव में यह 'अन्याय काल' है। किसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों और पिछड़ों के साथ अन्याय हुआ है। यह चुनाव पिछले 10 साल के अन्याय से मुक्ति पाने के लिए है। कांग्रेस के पास 25 गारंटी के साथ भारत को अन्याय से मुक्त कराने का समाधान हैं। यह किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि पार्टी की गारंटी है।'
हां, मणिपुर सिर्फ ट्रेलर था
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री यह भी कहते हैं कि पिछले 10 साल सिर्फ ट्रेलर थे और तस्वीर अभी बाकी है। हां, मणिपुर सिर्फ ट्रेलर था और अगर हम फिर से भाजपा को चुनते हैं तो हम पूरी तस्वीर देखेंगे। वे समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ लड़वाने में माहिर हैं। उन्होंने दावा किया कि यह लोकसभा चुनाव लोकतंत्र, संविधान और देश की विविधता को बचाने का चुनाव है।