सार
महिला आरक्षण कानून को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले अमल करने की अर्जी कांग्रेसी नेता जया ठाकुर की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस मामले में निर्देश दिया जाए कि इस पर अमल लोकसभा चुनाव से पहले हो।
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महिला आरक्षण कानून को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले अमल करने की मांग वाली याचिका को लंबित याचिका के साथ जोड़ने का फैसला लिया है। अदालत का कहना है कि महिला आरक्षण कानून के उस हिस्से को रद्द करना ‘बहुत मुश्किल’ होगा, जिसमें कहा गया है कि इसे जनगणना के बाद लागू किया जाएगा।
यह है मामला
गौरतलब है, महिला आरक्षण कानून को आगामी लोकसभा चुनाव से पहले अमल करने की अर्जी कांग्रेसी नेता जया ठाकुर की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि बहु प्रतिक्षित महिला आरक्षण विधेयक संसद से पास हो चुका है। यह अब कानून बन गया है, लेकिन कहा गया है कि यह परिसीमन के बाद लागू होगा। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि इस मामले में निर्देश दिया जाए कि इस पर अमल लोकसभा चुनाव से पहले हो।
शीर्ष अदालत का इनकार
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता जया ठाकुर की याचिका पर नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि इस मामले में शीर्ष अदालत के समक्ष एक याचिका लंबित है। उस लंबित याचिका के साथ ही जया ठाकुर की याचिका पर 22 नवंबर को सुनवाई करेगी।
