सार
Maharashtra Politics: शिवसेना और एनसीपी में टूट के बाद यह छह दलों के मुकाबले में बदल चुका है। शिवसेना और एनसीपी में टूट के बाद कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ सकती है? भाजपा कितनी सीटे शिंदे और अजित पवार को दे सकती? किसकी दावेदारी कितनी मजबूत है? जानिए इन सभी सवालों के जवाब वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर से
विस्तार
लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन के सीट बंटवारे की चर्चा हर ओर है, लेकिन महाराष्ट्र में विपक्षी के साथ सत्ता पक्ष के सीट बंटवारे पर भी सबकी नजर रहेगी। राज्य में अब तक चार दलों के दो गठबंधन की बीच मुकाबला होता रहा है। हालांकि, इस बार शिवसेना और एनसीपी में टूट के बाद यह छह दलों के मुकाबले में बदल चुका है। शिवसेना और एनसीपी में टूट के बाद कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ सकती है? भाजपा कितनी सीटे शिंदे और अजित पवार को दे सकती? किसकी दावेदारी कितनी मजबूत है?
नमस्कार,
मैं समीर चौगांवकर और आप मुझे अमर उजाला पर सुन रहे हैं। आज मैं महाराष्ट्र की राजनीति पर बात करूंगा। महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा लोकसभा की 48 सीटें आती हैं। इन 48 सीटों पर कब्जा करने के लिए ऐसा गठबंधन महाराष्ट्र की जनता देख रही है, जिसकी कल्पना भी महाराष्ट्र के मतदाताओं ने कभी नहीं की होगी। शिवसेना का कांग्रेस और शरद पवार के साथ मिलाना असंभव लगता था। आज हकीकत है। अजित पवार जिसे भारतीय जनता पार्टी जेल भेजने का वादा करती थी, आज भाजपा भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग उनके पास है। महाराष्ट्र में पिछले 25 सालों में भाजपा और शिवसेना गठबंधन का मुकाबला कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के गठबंधन से होता था। महाराष्ट्र की राजनीति में दबदबा रखने वाले ये चार दल अब छह दलों में बंट चुके हैं। शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई है। एक एकनाथ शिंदे की शिवसेना और दूसरी उद्धव ठाकरे की उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी। इसी तरह शरद पवार की पार्टी भी उनके उनके भतीजे अजित पवार के बीच बंट गई है। एकनाथ शिंदे और अजित पवार बीजेपी के साथ एनडीए में हैं। वहीं उद्धव ठाकरे और शरद पवार कांग्रेस के साथ इंडिया गठबंधन में हैं।
मैं समीर चौगांवकर और आप मुझे अमर उजाला पर सुन रहे हैं। आज मैं महाराष्ट्र की राजनीति पर बात करूंगा। महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा लोकसभा की 48 सीटें आती हैं। इन 48 सीटों पर कब्जा करने के लिए ऐसा गठबंधन महाराष्ट्र की जनता देख रही है, जिसकी कल्पना भी महाराष्ट्र के मतदाताओं ने कभी नहीं की होगी। शिवसेना का कांग्रेस और शरद पवार के साथ मिलाना असंभव लगता था। आज हकीकत है। अजित पवार जिसे भारतीय जनता पार्टी जेल भेजने का वादा करती थी, आज भाजपा भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग उनके पास है। महाराष्ट्र में पिछले 25 सालों में भाजपा और शिवसेना गठबंधन का मुकाबला कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के गठबंधन से होता था। महाराष्ट्र की राजनीति में दबदबा रखने वाले ये चार दल अब छह दलों में बंट चुके हैं। शिवसेना दो हिस्सों में बंट गई है। एक एकनाथ शिंदे की शिवसेना और दूसरी उद्धव ठाकरे की उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी। इसी तरह शरद पवार की पार्टी भी उनके उनके भतीजे अजित पवार के बीच बंट गई है। एकनाथ शिंदे और अजित पवार बीजेपी के साथ एनडीए में हैं। वहीं उद्धव ठाकरे और शरद पवार कांग्रेस के साथ इंडिया गठबंधन में हैं।