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Dhanteras: धनतेरस पर मेक इन इंडिया की धूम, लोकल मार्केट के कारोबार में उछाल, चीन को एक लाख करोड़ रुपये की चपत

 सार

Dhanteras 2023: कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि धनतेरस पर देशभर में 50 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। भारतीय बाजारों में इस बार 'वोकल फॉर लोकल' ने अपना असर दिखाया है.




विस्तार

देश के विभिन्न हिस्सों में धनतेरस की धूम है। दीवाली से दो दिन पहले धनतेरस पर बंपर खरीदारी का अनुमान लगाया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि धनतेरस पर देशभर में 50 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। भारतीय बाजारों में इस बार 'वोकल फॉर लोकल' ने अपना असर दिखाया है। धनतेरस पर 'मेक इन इंडिया' प्रोडेक्ट से बाजार गुलजार हैं। इसी वजह से चीन को एक लाख करोड़ रुपये के व्यापार का झटका है।

भारतीय सामानों की अधिकांश खरीदारी

दीवाली पर्व के सीजन की श्रृंखला में मूल रूप से धनतेरस पर दिल्ली सहित देश भर के विभिन्न बाजारों में जमकर शॉपिंग होती है। धनतेरस पर वाहनों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक आइटम, फर्नीचर, खाद्य पदार्थ और दीपावली पूजन के लिए काम आने वाली सामग्री आदि की बिक्री होती है। इस दिन के लिए देश भर के व्यापारी संगठन बड़ी तैयारियां करते हैं। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल बताते हैं, धनतेरस के मौके पर देश भर में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के रिटेल व्यापार का अनुमान है। दीवाली पर 'वोकल फॉर लोकल' का असर बाजारों में दिख रहा है, क्योंकि अधिकांश खरीदारी भारतीय सामानों की ही हो रही है। एक अनुमान के अनुसार, दीवाली से जुड़े चीनी सामानों की बिक्री अब न होने से चीन को लगभग एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के व्यापार की चपत लगी है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस दीवाली पर वोकल फॉर लोकल का आह्वान एवं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा नारी से खरीदारी की अपील को कैट ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। देश भर के व्यापारिक संगठनों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ऐसी महिलाएं, जो दिवाली से संबंधित सामान बना रही हैं, उनकी बिक्री में वृद्धि करने में सहायता करें ताकि वे भी खुशी से दीवाली मना सकें। धनतेरस के दिन सिद्धि विनायक श्रीगणेश, धन की देवी श्रीमहालक्ष्मी तथा श्रीकुबेर की पूजा होती है। इस दिन नई वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर होती है इस सामान की खरीदारी

खंडेलवाल के मुताबिक, धनतेरस पर सोना चांदी के आभूषण, सभी प्रकार के बर्तन, रसोई का सामान, वाहन, कपड़े एवं रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली का सामान एवं उपकरण, व्यापार करने के उपकरण जैसे कंप्यूटर या कंप्यूटर से जुड़े उपकरण, मोबाइल, बही खाते, फर्नीचर, अकाउंटिंग का अन्य सामान आदि विशेष रूप से खरीदे जाते हैं। प्राचीन मान्यता के अनुसार धनतेरस के दिन झाड़ू भी अवश्य खरीदी जाती है। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एवं गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा के मुताबिक, देश भर के ज्वेलरी व्यापारियों में धनतेरस की बिक्री को लेकर बड़ा उत्साह है। इसके लिए ज्वेलरी व्यापारियों ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। सोने-चांदी, डायमंड आदि के नये डिजाइन के गहने एवं आभूषण सहित अन्य वस्तुओं का प्रचुर मात्रा में स्टॉक रखा गया है। इस वर्ष आर्टिफिशियल ज्वेलरी की भी बड़ी मांग बाजारों में दिखाई दे रही है। सोने चांदी के सिक्के, नोट एवं मूर्तियों को भी धनतेरस पर बड़ी मात्रा में खरीदा जाना भी संभावित है।

पीतल आदि के बर्तन खरीदना भी शुभ

कैट के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विपिन आहूजा एवं प्रदेश महामंत्री देव राज बवेज़ा ने बताया, दिल्ली में धनतेरस पर चांदनी चौक, दरीबा कलां, मालीवाड़ा, सदर बाजार, कमला नगर, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग, पीतमपुरा, रोहिणी, राजौरी गार्डन, द्वारका, जनकपुरी, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क, यूसुफ सराय, लाजपत नगर, कालकाजी, प्रीत विहार, शाहदरा एवं लक्ष्मी नगर सहित विभिन्न रिटेल बाजारों में सामानों में विशेष रूप से वृद्धि होने की संभावना है। कैट की वैदिक एवं ज्योतिष कमेटी के संयोजक तथा प्रख्यात वेद मर्मज्ञ उज्जैन के आचार्य दुर्गेश तारे का कहना है, भगवान धन्वंतरि का प्रदूर्भाव भी धनतेरस के ही दिन हुआ था। भगवान धन्वंतरि भगवान विष्णु के अवतार हैं। वे औषधि के देवता भी हैं। इस दृष्टि से देश भर में भगवान धन्वंतरि की भी पूजा की जाती है। इनका प्रिय धातु पीतल को माना जाता है, इसलिए धनतेरस पर पीतल आदि के बर्तन खरीदने को भी शुभ माना गया है। धनतेरस के दिन बर्तनों एवं खाना बनाने वाले सामानों की बिक्री बड़े पैमाने पर होती है। देश भर में लोगों के अलावा कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोग, स्थानीय हलवाई, कॉंट्रैक्ट पर काम करने वाले रसोइये, होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसाय के लोग धनतेरस के दिन विशेष रूप से बर्तन आदि अवश्य खरीदते हैं।

त्योहारी सीजन में 3.5 लाख करोड़ का कारोबार

कैट के पदाधिकारियों के मुताबिक, एक मोटे अनुमान के अनुसार 3.5 लाख करोड़ के अनुमानित त्योहारी सीजन के व्यापार में लगभग 13 फीसदी खाद्य एवं किराना में, 9 फीसदी ज्वेलरी में, 12 फीसदी वस्त्र एवं गारमेंट्स, 4 फीसदी ड्राई फ्रूट, मिठाई एवं नमकीन, 3 फीसदी घर की साज सज्जा, 6 फीसदी कॉस्मेटिक्स, 8 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मोबाइल, 3 फीसदी पूजन सामग्री एवं पूजा से जुड़ी वस्तुएं, 3 फीसदी बर्तन तथा रसोई उपकरण, 2 फीसदी कॉन्फेक्शनरी एवं बेकरी, 8 फीसदी गिफ्ट आइटम्स और 4 फीसदी फ़र्निशिंग एवं फर्नीचर व्यापार में खर्च होगा। शेष 20 फीसदी ऑटोमोबाइल, हार्डवेयर, इलेक्ट्रिकल व खिलौनों सहित दूसरी वस्तुओं एवं सेवाओं पर ग्राहकों द्वारा खर्च किए जाने का अनुमान है। पैकिंग क्षेत्र को भी दिवाली पर बड़ा व्यापार मिलेगा।

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