ODI WC: क्या वानखेड़े में मिलेगा 2019 का बदला? धोनी के आखिरी मैच में बनी थी कड़वी यादें, रोया था हर भारतीय फैन
byChief Editor-
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सार
2019 विश्व कप का सेमीफाइनल भारतीय फैंस अब तक नहीं भूले हैं। ऐसे में टीम इंडिया के पास वानखेड़े के मैदान पर कीवी टीम को हराकर पिछले विश्व कप में मिली हार का बदला लेने का मौका है।
विस्तार
चार साल बाद एक बार फिर वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत का सामना न्यूजीलैंड से है। 15 नवंबर को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले में टीम इंडिया पिछले विश्व कप में मिली हार का बदला लेना चाहेगी। इंग्लैंड में हुए 2019 विश्व कप में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर विश्व कप से बाहर कर दिया था। पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस मैच में रन आउट हुए थे और उनका विकेट गिरते ही भारत की हार तय हो गई थी। हर भारतीय फैंस की आंखों में आंसू थे और चार बाद भी भारतीय फैंस यह हार नहीं भूल पाए हैं। इस मुकाबले के बाद धोनी लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे और बाद में संन्यास का एलान कर दिया। यह भारत के महानतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का आखिरी मैच साबित हुआ। अब टीम इंडिया की कोशिश विश्व कप के सेमीफाइनल मैच में न्यूजीलैंड को हराकर पिछली हार का बदला लेने और कड़वी यादों को भुलाने की होगी। आइए जानते हैं 2019 विश्व कप में क्या हुआ था?
सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर टीम इंडिया विश्व कप 2019 से बाहर हो गई थी। वर्षा बाधित इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 240 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में भारतीय टीम 221 रन पर सिमट गई थी और 18 रन से मैच गंवा दिया था।
केन विलियम्सन और रॉस टेलर - फोटो : सोशल मीडिया
विलियम्सन-टेलर ने बनाए थे रन टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने एक रन के स्कोर पर मार्टिन गुप्टिल का विकट गंवा दिया था। वह सिर्फ एक रन बनाकर बुमराह का शिकार बने थे। इसके बाद हेनरी निकोलस ने केन विलियम्सन के साथ मिलकर 68 रन की साझेदारी की थी और मैच में अपनी टीम को वापस ले आए थे। निकोलस को 28 के निजी स्कोर पर जडेजा ने आउट किया तो विलियम्सन ने रॉस टेलर के साथ तीसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर ली। विलियम्सन 67 रन बनाकर चहल की गेंद पर आउट हुए। इसके बाद नीशम 12 और ग्रांडहोम 16 रन बनाकर चलते बने, लेकिन रॉस टेलर एक छोर पर जमे हुए थे और न्यूजीलैंड का स्कोर 200 रन के पार जा चुका था। तभी बारिश आ गई। इस समय न्यूजीलैंड का स्कोर 46.1 ओवरों में 221/5 था।
बारिश के कारण रिजर्व डे तक पहुंचा मैच मैच के दौरान बारिश के आसार थे। ऐसे में इस मुकाबले के लिए रिजर्व डे भी रखा गया था। अगले दिन खेल शुरु हुआ और भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। लाथम 10 और टेलर 74 रन बनाकर आउट हुए। अंत सैंटनर ने नौ रन बनाए और कीवी टीम 50 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 239 रन बनाने में सफल रही। भारत के लिए भुवनेश्वर ने तीन विकेट लिए। बुमराह, हार्दिक, जडेजा और चहल को एक-एक विकेट मिला।
भारत की खराब शुरुआत 240 रन का लक्ष्य भारत के लिए बहुत मुश्किल नहीं था, लेकिन पांच रन पर ही टीम के तीन विकेट गिर गए। लोकेश राहुल और रोहित शर्मा को मैट हेनरी ने आउट किया। विराट कोहली ट्रेंट बोल्ट का शिकार बने। तीनों ने एक रन बनाए। दिनेश कार्तिक भी छह रन बनाकर हेनरी का तीसरा शिकार बने। ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या ने साझेदारी कर भारत को मैच में वापस लाने की कोशिश की, लेकिन दोनों 32 रन के स्कोर पर सैंटनर की गेंद पर आउट हो गए।
जडेजा ने बल्ले से किया कमाल 92 रन पर भारत के छह विकेट गिर गए थे। ऐसे में धोनी ने जडेजा के साथ मिलकर पारी संभाली। दोनों के बीच 116 रन की साझेदारी हुई और भारतीय टीम मैच में वापस आ गई। जडेजा 59 गेंद में 77 रन बनाकर बोल्ट का दूसरा शिकार बने। हालांकि, तब तक भारत का स्कोर 200 रन के पार जा चुका था और धोनी क्रीज पर जम चुके थे। ऐसे में भारतीय फैंस को जीत की आस थी। दूसरे छोर पर भुवनेश्व कुमार थे, जो धोनी को स्ट्राइक देने में सक्षम थे। हालांकि, धोनी ने 49वें ओवर में दो रन लेने के कोशिश की और मार्टिन गुप्टिल के सटीक थ्रो के चलते वह रन आउट हो गए। धोनी का बल्ला क्रीज से कुछ इंच दूर रह गया था।
महेंद्र सिंह धोनी रन आउट - फोटो : सोशल मीडिया
धोनी के रन आउट से हारा भारत धोनी ने 72 गेंद में 50 रन बनाए और उनके आउट होते ही हर भारतीय फैन निराश हो गया। सभी जानते थे कि भारत मैच हार चुका है। फर्ग्यूसन ने भुवनेश्वर को बोल्ड किया और चहल को निशम ने आउट किया। अंत में भारतीय टीम 49.3 ओवर में 221 रन पर सिमट गई और तीन गेंद रहते 18 रन से मैच हार गई। अगर धोनी रन आउट नहीं होते तो उनके अंदर तीन गेंदों में तीन छक्के लगाकर मैच टाई कराने की क्षमता थी, लेकिन भारत मैच हार चुका था और विश्व कप से बाहर हो चुका था। हर भारतीय फैन की आंखों में आंसू थे।
इस मुकाबले के बाद धोनी कई महीनों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे। 2020 में कोरोना की वजह से खेल से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लग गई और इस बीच धोनी ने अपने संन्यास का एलान कर दिया। यह सेमीफाइनल मुकाबला धोनी के करियर का आखिरी मैच साबित हुआ। अब भारत के पास न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल में हराकर विश्व कप से बाहर करने और 2019 की हार का बदला लेने का मौका है।