No-Confidence Motion: शाह-सीतारमण से राहुल-ओवैसी तक, अविश्वास प्रस्ताव पर हुई बहस में जानिए कौन पड़ा भारी
byChief Editor-
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सार
सीतारमण ने कहा, 'यूरोजोन, चीन और अमेरिका में भी आर्थिक हालात खराब हैं। वैश्विक संकट के बावजूद भारत सबसे तेज विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। हमारा जीडीपी ग्रोथ 2022-23 में 7.2 फीसदी है।
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से संसद सदस्यता बहाली के बाद राहुल गांधी ने संसद में जोरदार भाषण दिया। इस दौरान राहुल गांधी ने मणिपुर के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री आज तक मणिपुर नहीं गए क्या उनके लिए मणिपुर हिंदुस्तान नहीं है। सेना एक दिन में शांति ला सकती है लेकिन आप ऐसा नहीं कर रहे हैं क्योंकि आप हिंदुस्तान में मणिपुर को मारना चाहते हो। आप भारत माता के रखवाले नहीं, भारत माता के हत्यारे हैं। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम सिर्फ दो लोगों की बात सुनते हैं। वैसे ही मोदी जी अमित शाह और अदाणी की बात सुनते हैं।
स्मृति ईरानी - फोटो : संसद टीवी
स्मृति ईरानी भाजपा की तरफ से राहुल गांधी के आरोपों का जवाब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दिया। स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि पहली बार राष्ट्र के इतिहास में भारत मां की हत्या की बात हुई और कांग्रेस पार्टी यहां तालियां बजाती रही। इससे साफ संकेत मिलता है कि गद्दारी किसके मन में है। ईरानी ने कहा कि मणिपुर खंडित-विभाजित ना था और ना होगा। मणिपुर देश का अभिन्न अंग है। 90 के दशक में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के पलायन के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि एक महिला, यूनिवर्सिटी से अपना पे चेक लेने जाती है और उसका अपहरण कर दुष्कर्म किया गया और फिर आरी से बदन काट दिया। 1984 के सिख विरोधी दंगे पर भी स्मृति ईरानी ने कांग्रेस को घेरा। अदाणी मुद्दे पर कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस सरकारें अदाणी समूह के साथ समझौते कर रही हैं।
ललन सिंह जदयू सांसद ललन सिंह ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि मणिपुर के लोगों के दिल में विश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जरूरत है। केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष की लगातार मांग के बावजूद प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर बयान नहीं दिया। ललन सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा जुमलों के सहारे चुनाव जीतती है। 2014 में भाजपा ने दो करोड़ सरकारी नौकरी देने का वादा किया।
हरसिमरत कौर बादल शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने संबोधन में कहा कि संख्या तो सरकार के पक्ष में है लेकिन सवाल ये है कि क्या देश में सबका साथ और सबका विश्वास इस सरकार के साथ है या नहीं। अकाली दल सांसद ने कहा कि मणिपुर के मामले में तो साफ है कि वहां के लोगों को सरकार पर विश्वास नहीं है। आजादी के अमृतकाल में भी हम लोग अत्याचार पर चर्चा कर रहे हैं। यह पूरी तरह से शर्मनाक है। अपने संबोधन में कांग्रेस को घेरते हुए बादल ने कहा कि राहुल गांधी अपने भाषण में भारत जोड़ो यात्रा की बात करते हैं लेकिन क्या उन्हें 1984 का सिख दंगा याद नहीं है, जहां हजारों-लाखों महिलाओं को विधवा बनाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा को भी 84 दंगा सिर्फ वोट लेने के लिए याद आता है।
संसद में निर्मला सीतारमण - फोटो : संसद टीवी
निर्मला सीतारमण अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपने संबोधन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज आर्थिक विषयों पर दुनियाभर में संकट का समय है। सीतारमण ने कहा कि 2022 में वैश्विक अर्थव्यवस्था सिर्फ तीन फीसदी रही। इंग्लैंड जैसे देशों में ब्याज दर 15 साल में सबसे ज्यादा हैं। यूरोजोन, चीन और अमेरिका में भी आर्थिक हालात खराब हैं। वैश्विक संकट के बावजूद भारत सबसे तेज विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। हमारा जीडीपी ग्रोथ 2022-23 में 7.2 फीसदी है। जनधन योजना, डिजिटल इंडिया मिशन, आयुष्मान भारत, जन औषधि केंद्र जैसी योजनाओं से सबको फायदा मिला है। पहले बिजली आएगी, पीएम आवास बनेगा, सड़क बनेगी जैसी बातें होती थी लेकिन अब बन गए, मिल गए और आ गए जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं। आप सपने दिखाते थे, हम सपने पूरे कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने विपक्षी गठबंधन पर भी तंज कसा और कहा कि कांग्रेस तो प्रधानमंत्री भी राज्यसभा से इंपोर्ट करती थी। हमारा डीबीटी दुनिया के लिए उदाहरण है।
नारायण राणे अविश्वास प्रस्ताव पर अरविंद सावंत ने शिंदे की शिवसेना और पीएम मोदी की आलोचना की। इससे नाराज केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री नारायण राणे ने उनके खिलाफ सख्त भाषा का इस्तेमाल किया। मंत्री नारायण राणे ने टिप्पणी की कि अविश्वास प्रस्ताव पर वह कई भाषण सुन चुके हैं। ऐसा लग रहा जैसे मैं दिल्ली में संसद भवन के बजाय महाराष्ट्र की विधानसभा में बैठा हूं।
अरविंद सावंत ने अविश्वास प्रस्ताव पर श्रीकांत शिंदे को आक्रामक तरीके से जवाब दिया था। सावंत ने बोलते हुए हिंदुत्व के मुद्दे को छुआ। इसके जवाब में नारायण राणे ने एक सवाल उठाया, 'अगर हिंदुत्व के लिए इतना ही स्नेह था, तो 2019 में शरद पवार के साथ गठबंधन करते समय यह चिंता का विषय क्यों नहीं बन गया?' राणे ने इसके बाद कहा कि वह 1967 के शिवसैनिक हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद गौरव गोगोई - फोटो : PTI
गौरव गोगोई गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की। उन्होंने कहा कि हम अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर हैं। यह कभी भी संख्या के बारे में नहीं था बल्कि मणिपुर के लिए न्याय के बारे में था। उन्होंने कहा कि मैं प्रस्ताव पेश करता हूं कि यह सदन सरकार में अविश्वास व्यक्त करता है। I.N.D.I.A. मणिपुर के लिए यह प्रस्ताव लाया है। मणिपुर न्याय चाहता है। अगर मणिपुर जल रहा है, तो भारत जल रहा है। इसलिए आज हम सिर्फ मणिपुर की नहीं, पूरे भारत की बात कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हम सिर्फ पीएम मोदी का मौन व्रत तोड़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने संसद में न बोलने का मौन व्रत ले लिया है। इसलिए उनकी चुप्पी तोड़ने के लिए हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमारे पास उनके लिए तीन सवाल हैं।
1. वे आज तक मणिपुर क्यों नहीं गए? 2. आखिरकार मणिपुर पर बोलने में लगभग 80 दिन क्यों लग गए और जब वे बोले तो सिर्फ 30 सेकंड के लिए? 3. मुख्यमंत्री ने अब तक मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया?
निशिकांत दुबे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि 'हमें लगा था कि राहुल गांधी चर्चा की शुरुआत करेंगे लेकिन लगता है वो बोलने के लिए तैयार नहीं थे, हो सकता है कि वह देर से सोकर उठे होंगे।' मणिपुर पर दुबे ने कहा कि मैं खुद मणिपुर के इतिहास का भुक्तभोगी हूं। मेरे रिश्तेदार जो सुरक्षाबल में उच्च पद पर थे, वह उग्रवादी हमले में घायल हुए थे। निशिकांत दुबे ने विपक्षी एकता पर निशाना साधते हुए कहा कि 'विपक्ष में बैठे कुछ ही लोग INDIA की फुल फॉर्म बता पाएंगे। दुबे ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियां एक दूसरे से लड़ रही हैं लेकिन इसके बावजूद केंद्र में गठबंधन कर रही हैं। लालू यादव को हमने जेल नहीं भेजा, कांग्रेस ने जेल भेजा। शरद पवार को किसने बर्खास्त किया? जदयू को सबसे ज्यादा फंड मैंने दिलवाया। शेख अब्दुल्ला को जेल में कांग्रेस ने बंद किया। सीपीएम देशद्रोही पार्टी के साथ है।' निशिकांत दुबे ने कहा कि 'अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सोनिया गांधी बेटे को सेट करना चाहती हैं और दामाद को भेंट करना चाहती हैं।
सौगात रॉय मंगलवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में बोलते हुए तृणमूल सांसद सौगात रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। उन्होंने मणिपुर में हुई हिंसा के बारे में बात करते हुए कहा कि यह सरकार निर्दयी है। 100 से अधिक महिलाएं मर चुकी हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी वहां कदम नहीं रखा है। तृणमूल सांसद ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घूमते-फिरते राजदूत हैं या मुसाफिर? मैं उन्हें देखता हूं' राजस्थान के जंगलों में घूम रहे हैं। वह जो बाइडन द्वारा व्हाइट हाउस में रात्रिभोज पर आमंत्रित किए जाने से भी बहुत खुश हैं लेकिन, उनकी नजर मणिपुर पर नहीं है।'
सुप्रिया सुले - फोटो : सोशल मीडिया
सुप्रिया सुले एनसीपी (शरद पवार गुट) नेता सुप्रिया सुले ने मंगलवार को लोकसभा में मांग की कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह मणिपुर में शर्मनाक भूलों के लिए इस्तीफा दें, जिसके कारण तीन मई से 150 से अधिक मौतें हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, दंगा, हत्या और बलात्कार के 10,000 मामले हुए हैं। क्या हम असंवेदनशील हो गए हैं? सरकार के साथ यही समस्या है..।' सुले ने कहा कि विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया क्योंकि वह देश की भावना का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सुले ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर कई सूचकांकों में पिछड़ गया है। इसके साथ ही नौ वर्षों में नौ राज्य सरकारों को गिराने का आरोप लगाते हुए बाराबती सांसद ने भाजपा पर तंज कसा।
लोकसभा में बोलतीं सपा सांसद डिंपल यादव - फोटो : ANI
डिंपल यादव अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने भी भाग लिया। उन्होंने विपक्ष के द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने मणिपुर हिंसा, महिला अपराध और कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। डिंपल यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष के मंत्री राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ पर चर्चा करने की बात कह रहे थे। वो कहते हैं कि इन राज्यों में महिलाओं पर जघन्य अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की चर्चा भी अवश्य होनी चाहिए। क्योंकि, NCRB के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में हर तीन घंटे में एक महिला शारीरिक उत्पीड़न का शिकार होती है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद भी उत्तर प्रदेश और केंद्र की डबल इंजन की सरकार मिलकर भी इसका संज्ञान नहीं ले रही है। मणिपुर हिंसा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मणिपुर में जो हुआ है, वह जितना संवेदनशील है। इसके बाद भी सरकार का रवैया इस मामले में उतना ही संवेदनहीन रहा है। यह सरकार अंहकार में डूबी हुई है।
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू - फोटो : सोशल मीडिया
किरेन रिजिजू केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चल रही बहस के दौरान विपक्षी दलों पर हमला किया और कहा कि केवल नरेंद्र मोदी शासन में ही उत्तर पूर्व ने वास्तविक विकास देखा है। रिजिजू ने एक घंटे से अधिक समय तक बात की और दावा किया कि मोदी के नेतृत्व ने सभी पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाले लोगों का विश्वास जीता है। उन्होंने कहा, '2014 से पहले, पूर्वोत्तर के कई लोगों को दिल्ली और देश के अन्य प्रमुख शहरों में नस्लीय भेदभाव और अत्याचार का सामना करना पड़ा। 2014 के बाद हालात बदले और आजादी के बाद पहली बार गुवाहाटी में डीजीपी कॉन्फ्रेंस हुई। पीएम ने निर्देश दिया कि पुलिस को पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
रिजिजू ने कहा कि मणिपुर संघर्ष अचानक नहीं हुआ है और वर्तमान स्थिति के लिए यूपीए सरकार जिम्मेदार है। रिजिजू ने कहा, 'पिछले नौ वर्षों में 8000 से ज्यादा उग्रवादी संगठनों ने खुद को सरेंडर किया है। उग्रवादियों के आत्मसमर्पण में 800 प्रतिशत की वृद्धि हुई है... संघर्ष में मारे गए नागरिकों की संख्या में 97% की कमी आई है... AFSPA के कुल कवरेज क्षेत्र में 75% की कमी आई है।
मनीष तिवारी लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने चीन से लगती सीमा पर पेट्रोलिंग पॉइंट्स को लेकर मोदी सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने पूछा, 'क्या चीन बॉर्डर पर 65 में से 26 पेट्रोलिंग पॉइंट्स से हमने अपना अधिकार खो दिया है। क्या 'बफर' जोन भी भारत की जमीन में बने हैं। भारत और चीन के बीच सैन्य वार्ता के 18 राउंड पूरे होने के बाद क्या नतीजा निकला है। हमारे बहादुर जवान, चीन का मुकाबला कर रहे हैं। दूसरी तरफ चीन के साथ भारत का व्यापार बढ़ता जा रहा है। तिवारी ने पूछा, क्या आक्रमण करने के पैसे हम चीन को दे रहे हैं।
फारुख अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूख अब्दुल्ला ने लोकसभा में केंद्र सरकार से पूछा 'मुझे आप बताइए कि कितने कश्मीरी पंडित आप वापस लेकर आए हैं। ऐसा मत कहिए कि हम पाकिस्तानी हैं। हमें इस राष्ट्र पर गर्व है। ऐसे में देश की जिम्मेदारी सिर्फ हिंदू ही नहीं मुस्लिमों, सिखों और ईसाई समेत सभी वर्गों के प्रति बनती है। पीएम मोदी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसे आप नजरअंदाज नहीं कर सकते। फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि मैं भी गलती करता हूं और आप भी गलती करते हैं, कौन कहता है हम परफेक्ट हैं। एनसी नेता ने कहा कि पड़ोसी (पाकिस्तान) अभी भी खेल रहा है। याद रखिए अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि दोस्त बदल सकते हैं पड़ोसी नहीं। आपके नेता की बात है माने ना माने, दम है तो युद्ध कर लीजिए।'
अमित शाह अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कहा कि कई बार बड़े जनआंदोलन के समय प्रजा की भावना को प्रतिबिंबित करने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाए जाते हैं लेकिन यह ऐसा अविश्वास है, जिसमें प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के प्रति न जनता और न सदन का अविश्वास है। ये सिर्फ जनता में भ्रांति खड़ी करने के लिए है। गृहमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद एक सरकार और एक नेता में जनता ने सबसे ज्यादा विश्वास दिखाया है तो वो नरेंद्र मोदी सरकार है। 30 साल के बाद पूर्ण बहुमत की स्थिर सरकार देश का काम जनता ने दो बार किया। कांग्रेस की सरकार 35 सालों तक चलीं लेकिन 2-4 फैसले ऐसे हैं, जिन्हें युगों तक याद किया जाता है लेकिन मोदी सरकार के नौ सालों में 50 से ज्यादा फैसले हुए हैं, जो इतिहास के अंदर स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने गरीबी हटाओ का नारा दिया लेकिन गरीबी जस की तस रही। पीएम मोदी ने नौ सालों में 11 करोड़ से ज्यादा परिवारों को शौचालय दिए। बिहार सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने हमारा मजाक उड़ाया कि अकाउंट तो खोल दिया, बोनी तो कराओ। नीतीश बाबू हमारी बात सुन लीजिए 49 करोड़ बैंक खाते खोले, जिनमें दो लाख करोड़ गरीबों के खातों में जमा किए। 300 से ज्यादा योजनाओं का पैसा खातों में जमा किया जाता है।