सार
मूसलाधार बारिश सोमवार सुबह राजधानी शिमला में भारी तबाही लेकर आई। समरहिल में भूस्खलन और पेड़ ढहने से मलबे में शिवमंदिर दब गया। बच्चे समेत 11 लोगों की मौत हो गई है। कई लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ की टीम तलाश में जुटी है
विस्तार
राजधानी शिमला के समरहिल में सोमवार की सुबह हुए भूस्खलन के कारण निचली ओर बने शिवमंदिर और ढारे मलबे में दब गए। सोमवार को आठ शव निकाले गए। मंगलवार को फिर एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया। मंगलवार सुबह को तीन और शवों को निकाल लिया गया है। अभी तक 11 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं
समरहिल में एक ही परिवार के सात लोग भी लापता है। अपनों का अभी तक पता नहीं चलने से परिजन परेशान हैं। समरहिल में अभी भी कम से कम 20 लोग दबे हुए हैं। ये वो लोग हैं जो शिवमंदिर में आए थे। लेकिन इसके अलावा रास्ते से निकल रहे कितने लोग भूस्खलन की चपेट में आए उसकी जानकारी नहीं है। स्थानीय पार्षद ने यह जानकारी दी है।
शिमला के समरहिल में दबे लोगों को निकलने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। एनडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आ गई है। एक शव नाले से शव मिले हैं। लहासे के नीचे दबे हुए थे।
दरअसल, सावन का सोमवार होने के कारण सुबह से ही समरहिल के शिवमंदिर में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। भारी बारिश के चलते सुबह करीब 7:15 बजे धमाके के साथ भारी मलबा पेड़ों समेत मंदिर पर जा गिरा। इससे यह मंदिर पूरी तरह से मलबे में दब गया। जो लोग मंदिर पहुंचे थे, उन्हें भागने तक का मौका नहीं मिला।
शिमला के समरहिल में दबे लोगों को निकलने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। एनडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आ गई है। एक शव नाले से शव मिले हैं। लहासे के नीचे दबे हुए थे।
दरअसल, सावन का सोमवार होने के कारण सुबह से ही समरहिल के शिवमंदिर में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। भारी बारिश के चलते सुबह करीब 7:15 बजे धमाके के साथ भारी मलबा पेड़ों समेत मंदिर पर जा गिरा। इससे यह मंदिर पूरी तरह से मलबे में दब गया। जो लोग मंदिर पहुंचे थे, उन्हें भागने तक का मौका नहीं मिला।
घटनास्थल पर पहुंच गए थे सीएम सुक्खू
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