Yair Netanyahu: युद्ध के बीच नेतन्याहू के बेटे की तस्वीर पर क्यों हो रहा बवाल, याइर ने किस नियम को तोड़ा?
byChief Editor-
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सार
Benjamin Netanyahu's son Yair Netanyahu: इस्राइल के कानून के लिहाज से याइर नेतन्याहू को इस वक्त इस्राइली रिजर्व सैनिकों के साथ होना चाहिए। जब ऐसा नहीं हुआ तो इस्राइली नागरिकों और सैनिकों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया
विस्तार
इस्राइल और हमास के बीच भयंकर लड़ाई छिड़ी हुई है। 7 अक्तूबर को हुए हमले में इस्राइली सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। परिस्थिति को देखते हुए इस्राइल ने अपने रिजर्व सैनिकों को भी मोर्चे पर तैनात कर दिया। इस लड़ाई के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बेटे याइर नेतन्याहू की चर्चा पूरे इस्राइल में है। दरअसल, सवाल उठ रहा है कि जब इस्राइल अपने इतिहास की सबसे बड़ी लड़ाइयों में से एक लड़ रहा है। ऐसे वक्त में याइर नेतन्याहू कहां हैं?
ऐसे में सवाल उठते हैं कि इस्राइल-हमास लड़ाई के बीच पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बेटे की चर्चा क्यों हो रही है? क्या याइर को इस वक्त युद्ध में होना चाहिए? इस्राइल में रिजर्व सैनिकों के लिए क्या नियम हैं? आइये जानते हैं...
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बेटे याइर नेतन्याहू - फोटो : सोशल मीडिया
इस्राइल-हमास लड़ाई में याइर नेतन्याहू चर्चा में क्यों हैं? हमास के हमले के बाद इस्राइल ने हमास के खिलाफ युद्ध का छेड़ रखा है। इसके लिए दुनियाभर से इस्राइली नागरिक अपने देश के लिए लड़ने के लिए इस्राइल पहुंच रहे हैं। हालांकि, पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बेटे याइर नेतन्याहू इस साल की शुरुआत में अमेरिका के फ्लोरिडा गए थे और अभी भी वहीं पर हैं।
इसी बीच याइर की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें वह एक बीच पर मस्ती करते दिख रहे हैं। तस्वीर वायरल होने के बाद आम इस्राइली और सैनिकों में काफी गुस्सा है। मोर्चे पर तैनात एक इस्राइली नागरिक ने कहा कि 'याइर, मियामी बीच पर अपनी जिंदगी के आनंद ले रहे हैं और हम अपनी नौकरी, अपना परिवार और बच्चे छोड़कर लड़ने के लिए मोर्चे पर आए हैं, लेकिन वो लोग नहीं आए हैं, जो इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।'
एक अन्य इस्राइली सैनिक ने कहा कि 'मैं अमेरिका से अपनी नौकरी, अपना परिवार और अपनी जिंदगी छोड़कर यहां आया हूं। ऐसा नहीं हो सकता कि मैं अपने देश को ऐसे मुश्किल वक्त में अकेला छोड़ दूं। लेकिन प्रधानमंत्री के बेटे कहां हैं? वह इस्राइल में क्यों मौजूद नहीं हैं?'
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और उनके बेटे येर - फोटो : social media
कौन हैं याइर नेतन्याहू? याइर नेतन्याहू पेशे से एक पॉडकॉस्टर हैं। वह अक्सर अपने पिता बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों का खुलकर समर्थन करते हैं। याइर ने साल 2018 में इस्लाम विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट की थी, जिसे लेकर वह खूब विवादों में भी रहे थे। इससे पहले याइर उस वक्त भी विवादों में आए थे, जब वह एक स्ट्रिप क्लब के बाहर देखे गए थे।
Benjamin netanyahu - Yair Netanyahu
युद्ध के बीच याइर नेतन्याहू के बेटे के चर्चा की वजह क्या है? युद्ध के बीच याइर की चर्चा को समझने के लिए हमें पहले इस्राइली सेना को जानना चाहिए। दरअसल, इस्राइल की सेना में कुल सैनिकों की संख्या 6.46 लाख है। इसके सक्रिय सैनिक 1.73 लाख हैं जबकि 4.65 लाख रिजर्व सैनिक हैं। इसके साथ ही इस्राइल में आठ हजार अर्धसैनिक बल हैं।
जब इस्राइल ने गाजा में हमास के खिलाफ अभियान शुरू किया तो इसके लिए रिजर्व सैनिकों को तैनाती की गई। हमास के आतंकवादी हमले का जवाब देने के लिए इस्राइल के रक्षा बलों ने 3.6 लाख से अधिक आरक्षित सैनिकों को ड्यूटी पर बुलाया।
दरअसल, यहां नियम है कि कोई भी 18 वर्षीय नागरिक जो यहूदी, ड्रयूज या सरकस्सियां हो उसे सैन्य ट्रेनिंग लेनी होगी। इस्राइली अरबों, धार्मिक महिलाओं, विवाहितों और शारीरिक या मानसिक दिव्यांगजनों को आवश्यक सैन्य सेवा से छूट मिलती है। छूट के बावजूद यदि सेना में भर्ती होना चाहें तो आप सेना की सेवा कर सकते हैं। एक बार जब आप सेना में भर्ती हो गए तो पुरुषों को कम से कम 32 माह और महिलाओं को कम से कम 24 माह सेना में सेवा देनी होती है।
Israel Hamas War - फोटो : ANI
क्या याइर को इस वक्त युद्ध में होना चाहिए? नियम के अनुसार बेंजामिन के बेटे याइर ने भी सेना में काम किया है। स्कूल में थियेटर की पढ़ाई करने के बाद याइर ने सेना में आवश्यक सेवा की। उन्होंने इस्राइली डिफेन्स फोर्सेज में बतौर आईडीएफ प्रवक्ता काम किया है न कि लड़ाकू सैनिक के रूप में।
भले ही नियम 32 महीने के सैन्य सेवा का ही है लेकिन राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में उन्हें रिजर्व सैन्य इकाई में वापस बुलाया जा सकता है। यह शर्त 40 साल की उम्र तक लागू होती है। इस तरह से युद्ध के समय नियमित सैनिकों के साथ-साथ रिजर्व सैनिक भी लड़ाई लड़ते हैं। रिजर्व सैनिकों का उपयोग गैर-लड़ाकू भूमिकाओं में भी किया जाता है। इसका मतलब है कि याइर के युद्ध के मोर्चे में अनुभव की कमी से उन्हें छूट नहीं मिलेगी। संक्षेप में कहें तो नियम और नैतिक दोनों के लिहाज से याइर को इस्राइल में होना चाहिए। जब ऐसा नहीं हुआ तो इस्राइली नागरिकों और सैनिकों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।