सार
दुर्घटनाग्रस्त हुई कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन मंगलवार तड़के सियालदह रेलवे स्टेशन पर पहुंची। अपनों को देखते ही स्टेशन पर इंतजार कर रहे लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे। वहीं, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकमी ने ट्रेन यात्रियों से बातचीत कर उनका हाल जाना
विस्तार
पश्चिम बंगाल में जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई कंचनजंगा एक्सप्रेस मरम्मत कार्य पूरा होने के मंगलवार तड़के सियालदह रेलवे स्टेशन पर पहुंची। अपनों को देखते ही स्टेशन पर इंतजार कर रहे लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे। वहीं, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने ट्रेन यात्रियों से बातचीत कर उनका हाल जाना और घटना के बारे में जानकारी ली।
बता दें कि जलपाईगुड़ी के पास खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन में सोमवार को पीछे से एक मालगाड़ी ने टक्कर मार दी थी। रंगापानी और निजबाड़ी के पास हुए इस हादसे में तीन बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। हादसे में 15 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हो गए। हालांकि, रेल मंत्रालय की ओर से जारी बयान में मृतकों की संख्या आठ और घायलों की संख्या 25 बताई गई है।
हादसे के बाद यात्रियों के मन में बैठा डर
सियालदह रेलवे स्टेशन पर पहुंची कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार एक यात्री वैशाली भट्टाचार्य ने बताया कि जब ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई तब वह एस-7 बोगी में थी। सुबह के समय सभी यात्री सो रहे थे। अचानक झटका लगने से सभी की नींद खुल गई। पता चला कि पीछे की बोगियों में दुर्घटना घटी है। हादसे के बाद से माता-पिता भी चिंतित हैं। मरम्मत कार्य होने के बाद ट्रेन सियालदह रवाना होने के बाद से उसे ट्रेन में दोबारा नींद नहीं आई, क्योंकि हादसे के बाद से मन में डर बैठा हुआ है।
सियालदह रेलवे स्टेशन पर पहुंची कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार एक यात्री वैशाली भट्टाचार्य ने बताया कि जब ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई तब वह एस-7 बोगी में थी। सुबह के समय सभी यात्री सो रहे थे। अचानक झटका लगने से सभी की नींद खुल गई। पता चला कि पीछे की बोगियों में दुर्घटना घटी है। हादसे के बाद से माता-पिता भी चिंतित हैं। मरम्मत कार्य होने के बाद ट्रेन सियालदह रवाना होने के बाद से उसे ट्रेन में दोबारा नींद नहीं आई, क्योंकि हादसे के बाद से मन में डर बैठा हुआ है।
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