https://www.youtube.com/c/AIBSNews24

IPS Officer : डीजी शोभा ओहटकर से मुक्त हुईं डीआईजी अनुसूइया; प्रताड़ना के लिए सरकार को लिखा था त्राहिमाम संदेश

 सार

Bihar Police : बिहार पुलिस में एक बार फिर एकल स्थानांतरण आदेश जारी हुआ। डीजी शोभा ओहटकर की प्रताड़ना पर त्राहिमाम संदेश लिखने वाली डीआईजी अनुसूइया रणसिंह साहू को राज्य सरकार ने होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज़ से हटाने का आदेश जारी किया है।




विस्तार

एक बार फिर बिहार सरकार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की एक अधिकारी के त्राहिमाम संदेश पर ट्रांसफर का आदेश जारी करना पड़ा। पिछली बार आईजी विकास वैभव और डीआईजी बिनोद कुमार को होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज की डीजी शोभा ओहटकर से मुक्ति मिली थी। इस बार डीआईजी अनुसूइया रणसिंह साहू की फरियाद पर पुलिस मुख्यालय ने स्थानांतरण का आदेश जारी किया। अनुसूइया ने भी डीजी ओहटकर के हाथों प्रताड़ित होने की जानकारी लिखी थी। 'अमर उजाला' ने ही सबसे पहले आईजी विकास वैभव के त्राहिमाम संदेश की खबर सामने लायी थी और मंगलवार को डीआईजी अनुसूइया की भी चिट्ठी पर आधारित सबसे पहली खबर हमने ही सामने लायी।


नागरिक सुरक्षा में भेजी गईं अनुसूइया
होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज से आईपीएस अनुसूइया रणिसंह साहू को गृह विभाग के तहत ही नागरिक सुरक्षा में लगाया गया है। अनुसूइया को उप महानिरीक्षक-सह-उप निदेशक सिविल डिफेंस की जिम्मेदारी के लिए गृह विभाग ने अधिसूचना जारी की है। अनुसूइया ने अगस्त के अंत में राज्य के मुख्य सचिव और गृह विभाग के तमाम वरीय अधिकारियों को त्राहिमाम संदेश की प्रति भेजी थी। उन्होंने अपना त्राहिमाम संदेश सीधे डीजी शोभा ओहटकर को ही लिखा था। उन्होंने 13 पन्ने के इस पत्र में लिखा था कि होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज में आने के 15 दिनों तक ही उनका अपनी डीजी के साथ संबंध मधुर रहा। उन्होंने डीजी के हाथों समीक्षा के लिए मिली फाइलों में विसंगतियां देखीं और साढ़े छह करोड़ का घोटाला देखकर बिहार सरकार के वित्त विभाग के वित्त परामर्शी से इसपर बात की। डीजी ने फाइल पर ऐसी समीक्षा करने और बिना पूछे वित्त परामर्शी से बात करने के कारण उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक गालियां दीं और विकास वैभव समेत बाकी अधिकारियों की तरह कॅरियर खराब करने की धमकी दी।


ओहटकर और उनके आईजी ने आरोप जड़े
डीजी शोभा ओहटकर भले ही आईजी विकास वैभव की प्रताड़ना के आरोप पर सामने नहीं आयी थीं, लेकिन डीआईजी अनुसूइया रणसिंह साहू के मामले में 'अमर उजाला' रिपोर्टर से मिलने को तैयार हो गईं। उन्होंने मोबाइल या रिकॉर्डिंग डिवाइस चैंबर के बाहर रखवाने के बाद बात करते हुए अनुसूइया पर कई आरोप लगाए। बीमारी के नाम पर अवकाश लेकर मेला घूमने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि आईजी ने भी डीआईजी अनुसूइया के खिलाफ रिपोर्ट दी है। इसपर 'अमर उजाला' रिपोर्टर ने जब आईजी सुनील कुमार नायक से बात की तो उन्होंने कहा कि डीआईजी ने उन्हें फंसाने की धमकी दी है। धमकाया है कि डीजी और मेरे बीच में आएंगे तो किसी दिन चैंबर में आकर अपने कपड़े फाड़ लूंगी और रेप का आरोप लगा दूंगी। ऐसी बातों के सामने आने के बाद 'अमर उजाला' ने डीआईजी अनुसूइया से मिलने की कोशिश की, लेकिन वह मिलने के लिए तैयार नहीं हुईं। अब उन्हें होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज़ से ही मुक्ति मिल गई है।

Post a Comment

Previous Post Next Post